VoS NEWS DESK | LAW & JUSTICE | 16 SEPTEMBER 2026
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत इस सवाल पर विचार कर रही है कि क्या PMLA के तहत ED द्वारा जारी provisional attachment orders की पुष्टि ऐसी Adjudicating Authority कर सकती है, जिसमें न्यायिक सदस्य मौजूद न हो या जो एकल-सदस्यीय पीठ के रूप में काम कर रही हो।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने तर्क दिया कि Adjudicating Authority केवल प्रशासनिक संस्था नहीं है, बल्कि उसे संपत्ति कुर्की से जुड़े मामलों में quasi-judicial कार्य करना पड़ता है। उनके अनुसार PMLA के तहत provisional attachment पर निर्धारित अवधि के भीतर निर्णय लेना होता है और इसलिए प्रक्रिया में न्यायिक निगरानी महत्वपूर्ण है।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह मुद्दा भी आया कि यदि हजारों मामलों को सीमित समय में निपटाना हो, तो प्रत्येक मामले में पर्याप्त स्वतंत्र विचार और जांच किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है। न्यायमूर्ति बागची ने इसी संदर्भ में ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से सवाल किया कि अत्यधिक संख्या में मामलों के बीच वास्तविक application of mind कैसे सुनिश्चित होगा।
याचिकाकर्ताओं ने ED के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक निश्चित अवधि में शुरू किए गए 8,851 मामलों में से केवल 60 मामले ट्रायल तक पहुंचे। उनका तर्क था कि यदि संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई बड़ी संख्या में मामलों में लागू होती है, तो अंतिम आपराधिक सुनवाई तक संपत्ति पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव बने रह सकते हैं। अदालत ने इस संबंध में ED से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इसलिए अभी यह अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है कि Adjudicating Authority की संरचना और न्यायिक सदस्य की अनिवार्य भूमिका को लेकर अदालत क्या आदेश देगी।
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यह मामला PMLA के तहत संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया में न्यायिक निगरानी, संस्थागत संरचना और समयबद्ध निर्णय से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों को सामने लाता है। अदालत का अंतिम फैसला यह स्पष्ट कर सकता है कि Adjudicating Authority को ऐसे मामलों में किस प्रकार गठित होकर कार्य करना चाहिए।
Sources: Indian Express, Supreme Court proceedings.
