अमृतसर एयरपोर्ट की सुरक्षा चूक के बाद ट्रांजिट प्वाइंट्स पर फिजिकल चेकिंग बढ़ाई गई

अमृतसर एयरपोर्ट की सुरक्षा चूक के बाद ट्रांजिट प्वाइंट्स पर फिजिकल चेकिंग बढ़ाई गई

VoS NEWS DESK | भारत | 22 सितंबर 2026

यह कदम 4 सितंबर को सामने आई उस इमिग्रेशन चूक के बाद उठाया गया है, जिसमें तीन इतालवी यात्रियों ने अमृतसर से दिल्ली होते हुए म्यूनिख की यात्रा की, लेकिन अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। मामले के बाद संबंधित एजेंसियों ने ट्रांजिट व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।

अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल ट्रांसफर क्षेत्रों में एयरलाइन स्टाफ को यात्रियों के बोर्डिंग पास पर दिए गए ‘I’ और ‘D’ संकेतकों की अधिक सावधानी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। ये संकेतक बताते हैं कि यात्री अंतरराष्ट्रीय या घरेलू सेक्टर से जुड़ा है और उसके लिए किस तरह की ट्रांसफर प्रक्रिया लागू होती है।

घरेलू से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में जाने वाले यात्रियों के ट्रांसफर क्षेत्रों में ग्राउंड स्टाफ की फिजिकल जांच भी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर यात्रियों के बोर्डिंग पास को अधिक ध्यान से जांचा जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो।

इस व्यवस्था को फिलहाल एक अंतरिम सुरक्षा उपाय बताया गया है। स्थायी समाधान तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी, CISF, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और एयरलाइंस के बीच विचार-विमर्श चल रहा है।

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एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट के बीच इमिग्रेशन प्रक्रिया का सही पालन यात्रियों की आवाजाही और सीमा सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मौजूदा अतिरिक्त जांच का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया में किसी भी संभावित कमी को रोकना और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। स्थायी व्यवस्था किस रूप में लागू होगी, इस पर संबंधित एजेंसियों की आगे की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी।

Source: Hindustan Times

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