BRICS मंच पर भारत की 37 डीप-टेक उपलब्धियां प्रदर्शित, AI कैंसर स्क्रीनिंग भी शामिल

BRICS मंच पर भारत की 37 डीप-टेक उपलब्धियां प्रदर्शित, AI कैंसर स्क्रीनिंग भी शामिल

VoS NEWS DESK | SCIENCE & TECHNOLOGY | 12 September 2026

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘Bharat Innovates Exposition’ के माध्यम से भारत अपने डीप-टेक क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को BRICS देशों के नेताओं, निवेशकों, उद्योग जगत और शोध संस्थानों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। इस प्रदर्शनी में स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से जुड़े नवाचारों को जगह दी गई है।

प्रदर्शनी में AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को विशेष रूप से महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से विकसित यह प्रणाली शुरुआती स्तर पर कैंसर के संभावित संकेतों की पहचान में सहायता कर सकती है। ऐसी तकनीकें विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और जांच सुविधाओं तक पहुंच सीमित है।

भारत ने इसके अलावा फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम भी प्रदर्शित किया है। यह तकनीक जलाशयों और अन्य जल निकायों पर सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए विकसित की गई है। इससे जमीन की उपलब्धता की समस्या को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

प्रदर्शनी में समुद्री रोबोटिक्स से जुड़ी तकनीकें भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल समुद्री बुनियादी ढांचे की निगरानी, निरीक्षण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। समुद्री तकनीक के क्षेत्र में ऐसे स्वचालित सिस्टम भारत की रणनीतिक और औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एक अन्य उल्लेखनीय नवाचार दुर्लभ खनिजों से मुक्त इलेक्ट्रिक मोटर तकनीक है। इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों में कुछ दुर्लभ खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उन तकनीकों का विकास जो इन महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता कम कर सकें, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी जैसी तकनीकों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों की ओर से विकसित कई तकनीकें स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत सामग्री, सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती अनुसंधान क्षमता को दर्शाती हैं।

भारत के लिए यह प्रदर्शनी केवल तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश आकर्षित करने का माध्यम भी है। BRICS देशों के निवेशक, कंपनियां और शोध संस्थान भारतीय स्टार्टअप्स के साथ संभावित साझेदारी और तकनीकी सहयोग के अवसर तलाश सकते हैं।

भारत सरकार की पहल का उद्देश्य घरेलू स्तर पर विकसित अत्याधुनिक तकनीकों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना भी है। यदि इन नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय निवेश और बाजारों तक पहुंच मिलती है, तो भारतीय डीप-टेक कंपनियों के लिए बड़े पैमाने पर विस्तार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

यह पहल भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें विज्ञान और तकनीक को आर्थिक विकास, राष्ट्रीय क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ा जा रहा है। BRICS जैसे मंच पर भारतीय नवाचारों की मौजूदगी से देश की तकनीकी छवि को भी मजबूती मिल सकती है।

VoS STRATEGIC INSIGHT

BRICS मंच पर भारत की 37 डीप-टेक उपलब्धियों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश अब केवल पारंपरिक IT और डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अत्याधुनिक वैज्ञानिक और औद्योगिक तकनीकों में भी अपनी भूमिका बढ़ा रहा है।

AI आधारित स्वास्थ्य तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, रोबोटिक्स और दुर्लभ खनिजों पर कम निर्भर इलेक्ट्रिक मोटर जैसे नवाचार आने वाले वर्षों में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि BRICS देशों के बीच शोध, निवेश और तकनीकी साझेदारी मजबूत होती है, तो भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का बड़ा अवसर मिल सकता है।

Source: Press Information Bureau • Indian Express • Times of India

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