कर्नाटक हाई कोर्ट ने शिक्षा नीति के एक महत्वपूर्ण पहलू पर फैसला सुनाते हुए एसएसएलसी हिंदी परीक्षा में ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने की योजना पर रोक लगा दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि छात्रों के मूल्यांकन के लिए पुरानी अंक प्रणाली (Marks system) का ही पालन किया जाए ताकि परिणामों में स्पष्टता और पारदर्शिता बनी रहे। इस निर्णय को उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है जो नई मूल्यांकन पद्धति को लेकर असमंजस में थे।
शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को लेकर अन्य राज्यों में भी हलचल तेज है, जहाँ विशेषज्ञ एआई और डिजिटल उपकरणों के एकीकरण पर चर्चा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए प्रशासनिक तबादलों के तहत शिक्षा विभाग में भी नए नेतृत्व की नियुक्ति की गई है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नए नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और परीक्षाओं को अधिक छात्र-अनुकूल बनाना फिलहाल प्रमुख एजेंडा बना हुआ है।
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मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव: हाई कोर्ट ने हिंदी परीक्षा में ग्रेडिंग की जगह अंकों को दी प्राथमिकता
21 April 2026
Voice Of Spain
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