मैड्रिड, स्पेन में आज 19 अप्रैल 2026 को दुनिया भर के 40 से अधिक देशों के राजनयिक मिशनों ने एक आपातकालीन 'साइबर-सुरक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर किए हैं। हाल के महीनों में विभिन्न देशों के दूतावासों पर बढ़ते डेटा हमलों और जासूसी के प्रयासों को देखते हुए, इस मिशन का उद्देश्य एक साझा 'डिजिटल शील्ड' (Digital Shield) तैयार करना है। समझौते के तहत, सभी सहभागी देश राजनयिक संचार को सुरक्षित करने के लिए 'क्वांटम एन्क्रिप्शन' तकनीक साझा करने पर सहमत हुए हैं, ताकि संवेदनशील सरकारी सूचनाओं को लीक होने से बचाया जा सके।
इस शिखर सम्मेलन में भारतीय राजनयिक मिशन ने प्रमुख भूमिका निभाई और डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए भारत के सफल 'स्टैक मॉडल' का प्रस्ताव रखा। राजनयिकों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि आज के युग में "साइबर हमला, संप्रभुता पर हमला है।" यह नया सुरक्षा ढांचा न केवल दूतावासों की गोपनीयता की रक्षा करेगा, बल्कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को डिजिटल खतरों से मुक्त बनाने में भी मदद करेगा। यह खबर वैश्विक टेक और कूटनीतिक हलकों में #DiplomaticCyberShield के नाम से वायरल हो रही है।
राजनयिक मिशन
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मैड्रिड में 'साइबर-रक्षा शिखर सम्मेलन': दूतावासों की सुरक्षा के लिए नई वैश्विक 'डिजिटल शील्ड' पर सहमति
19 April 2026
Voice Of Spain
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