शिक्षा
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यूनेस्को का 'एजुकेशन बियॉन्ड 2030' फोरसाइट अभ्यास
यूनेस्को (UNESCO) ने आज 2030 के बाद की वैश्विक शिक्षा कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक व्यापक 'फोरसाइट अभ्यास' (Foresight Exercise) शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन और बदलती जनसांख्यिकी के बीच भविष्य की शिक्षा प्रणालियों को मज़बूत करना है। यूनेस्को का मानना है कि शिक्षा प्रणालियों को केवल संकटों का जवाब देने के बजाय आने वाली चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाना चाहिए।
इस अभ्यास के तहत दुनिया भर के शोधकर्ताओं, युवाओं और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाया जा रहा है। इसका मुख्य फोकस 'डिजिटल साक्षरता' और 'लाइफलॉन्ग लर्निंग' (Lifelong Learning) पर है, ताकि श्रम बाज़ार में होने वाले बदलावों के लिए छात्रों को तैयार किया जा सके। 2027 के वैश्विक शिक्षा सम्मेलन (Global Education Meeting) के लिए यह एक आधार तैयार करेगा। यूनेस्को ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य की शिक्षा समावेशी होनी चाहिए और तकनीकी उन्नति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को भी पाठ्यक्रम में महत्व दिया जाना चाहिए।
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