VoS NEWS DESK | भारत, जनगणना & प्रशासन | 14 अगस्त 2026
केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 40 सवाल जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में पूछे जाएंगे। इस चरण का उद्देश्य देश की आबादी से जुड़ी सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी को अधिक विस्तृत रूप से दर्ज करना है।
जनगणना 2027 में जाति की गणना विशेष रूप से महत्वपूर्ण बदलावों में शामिल है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातिगत जानकारी को जनगणना में शामिल किया जा रहा है।
प्रश्नावली में लोगों की उम्र, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार और प्रवासन से संबंधित जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता और अन्य सामाजिक-आर्थिक विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
अधिसूचित सूची में आधार नंबर, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और मोबाइल नंबर जैसी पहचान संबंधी जानकारी के सवाल भी शामिल हैं। बैंक खातों की संख्या और कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा होगी।
सरकार के अनुसार जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। मोबाइल आधारित डेटा संग्रह के माध्यम से जानकारी एकत्र करने की योजना बनाई गई है, जिससे आंकड़ों को अधिक तेजी और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए नीतियां बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों के वितरण की योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जातिगत आंकड़ों को शामिल किए जाने से सामाजिक और आर्थिक नीतियों के लिए अधिक विस्तृत डेटा उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं आधार, बैंकिंग और डिजिटल जानकारी से जुड़े सवालों ने नागरिकों की डेटा गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी चर्चा को बढ़ाया है।
VoS STRATEGIC INSIGHT
जनगणना 2027 भारत के लिए केवल आबादी की गणना नहीं होगी, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल स्थिति की विस्तृत तस्वीर तैयार करने का प्रयास होगी। जातिगत आंकड़ों को शामिल करना इसका सबसे बड़ा बदलाव है, जबकि डिजिटल डेटा संग्रह भविष्य में सरकारी योजनाओं और नीति निर्माण को अधिक लक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्रोत: VoS News Desk / भारत सरकार / PTI
